अमेरिका में तेजी से फैल रहा कोरोना का ‘सिकाडा वैरिएंट’, वैक्सीन को दे रहा चुनौती? जानें कितना खतरनाक

दुनिया अभी पूरी तरह कोरोना महामारी से उबर भी नहीं पाई थी कि एक बार फिर नया खतरा सामने आता दिख रहा है। अमेरिका में कोरोना वायरस का एक नया रूप ‘सिकाडा वैरिएंट’ तेजी से फैल रहा है, जिसने स्वास्थ्य एजेंसियों और वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए वैरिएंट की संक्रमण क्षमता और म्यूटेशन इसे बाकी स्ट्रेन्स से अलग बनाते हैं।

25 राज्यों और 20 से ज्यादा देशों में पहुंचा वैरिएंट
अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार यह नया वैरिएंट अब तक अमेरिका के करीब 25 राज्यों में पाया जा चुका है। इसके अलावा डेनमार्क, जर्मनी और नीदरलैंड समेत 20 से ज्यादा देशों में इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि इसका पहला मामला नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था, जबकि 2025 के बाद इसके मामलों में तेजी आई।

क्या है ‘सिकाडा वैरिएंट’ (BA.3.2)?
‘सिकाडा वैरिएंट’ ओमिक्रॉन परिवार का एक नया सब-वैरिएंट माना जा रहा है। इसमें 70 से 75 तक जेनेटिक म्यूटेशन पाए गए हैं, जो इसे पिछले वैरिएंट्स से अलग बनाते हैं। यही वजह है कि वैज्ञानिक इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसे हवाई यात्रा और वेस्टवॉटर सैंपलिंग के जरिए भी ट्रैक किया गया है।

WHO की निगरानी में, लेकिन अभी ‘खतरे वाला’ वैरिएंट नहीं
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वैरिएंट को फिलहाल ‘निगरानी में रहने वाला वैरिएंट’ की श्रेणी में रखा है। यानी इस पर नजर रखी जा रही है, लेकिन इसे अभी तक गंभीर खतरे की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।

क्या वैक्सीन से बच निकल रहा है यह वैरिएंट?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैरिएंट वैक्सीन लगवा चुके लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। हालांकि, अब तक के आंकड़ों में यह सामने नहीं आया है कि इससे मृत्यु दर में कोई बड़ा उछाल हुआ हो। शुरुआती स्टडीज बताती हैं कि इसमें इम्युनिटी को आंशिक रूप से चकमा देने की क्षमता हो सकती है, लेकिन यह ज्यादा घातक साबित नहीं हुआ है।

एक्सपर्ट्स की राय: घबराएं नहीं, सतर्क रहें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह वैरिएंट अभी तत्काल खतरा साबित नहीं हुआ है, लेकिन इसके तेजी से फैलने और लगातार बदलने की क्षमता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथों की सफाई रखना और वैक्सीनेशन की डोज समय पर लेना अभी भी सबसे प्रभावी बचाव माने जा रहे हैं।

भारत में नहीं मिला कोई मामला, लेकिन अलर्ट जरूरी
फिलहाल भारत में इस वैरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा को देखते हुए विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर फिर से सतर्कता बढ़ाना जरूरी है।

सिकाडा वैरिएंट के लक्षण क्या हैं?
शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही हैं, लेकिन थकान ज्यादा तेजी से महसूस होती है। प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी और शरीर में दर्द शामिल हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में दिक्कत और स्वाद-गंध का कम होना भी देखा गया है।

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